अब तुम्हरे जाने के बाद

दिल का दर-दर दुबक रिया है, अब तुम्हरे जाने के बाद।
कोना-कोना सुबक रिया है, अब तुम्हरे जाने के बाद।

हम खिड़की से हुलक रिया है, अब तुम्हरे जाने के बाद।
टोटमा-टोटमा ढुलक रिया है, अब तुम्हरे जाने के बाद।

नेह का रिफिल भभक रिया है, अब तुम्हरे जाने के बाद।
तुम्हरा आशिक तड़प रिया है, अब तुम्हरे जाने के बाद।

सूनी-सूनी रातें हैं, ना कविता, ना कव्वाली है।
घर में न घरवाली है, अजी.. दोनों करवट खाली है।

तिरछे-कुबड़े होकर हमने, रातें कई बिता ली हैं।
रुई भरी रजाई हमसे, जाती ना सम्हाली है।

देखो दहिने लदक रिया है, अब तुम्हरे जाने के बाद।
तुम्हरा आशिक तड़प रिया है, अब तुम्हरे जाने के बाद।

हमने मल-मल खूब लगाया, तुम्हरे बॉडी-लोशन को।
फेरन-लभली लगाके तुमने, खूब सजाया साजन को।

ऐसा मेकअप किया हमारा, हो गई जलन पड़ोसन को।
फेल कर दिया तुमने, हमरे आगे रित्तिक-रोशन को।

फेस पे फुन्सी फदक रिया है, अब तुम्हरे जाने के बाद।
तुम्हरा आशिक तड़प रिया है, अब तुम्हरे जाने के बाद।


~पं० सुमित शर्मा “पीयूष”

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