बेटी क्या हैं!

बेटी दुर्गा की हैं अवतार,
ना कर मानव इसका संहार|

हैं जन्मदात्री मनुष्य जीवन की
इसमें भरा करूणा का प्यार|

हैं समाज निर्माता बेटी अपनी,
इसमें भरा गंभीरता आपार|

बेटी अपनी जग की जननी,
हैं भरा इसमें ममता का प्यार|

यह स्वंय वीरता की हैं अवतार,
इसमें भरा हैं गुण आपार|

बेटी दुर्गा की हैं अवतार,
ना कर मानव इसका संहार|

शशि रंजन शर्मा “मुन्टुन”
13-10-2017

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