माँ तेरी लोरी सुना दे

माँ तेरी लोरी सुना दे……….

निंदिया से वारी, बिटिया बेचारी,

हौले से ही सहला दे,

माँ तेरी लोरी सुना दे……….

आँसु जो छलकें, भीगीं हैं पलकें,

तु थपकी देकर, माथे पे हल्के,

निंदिया रानी को बुला दे,

माँ तेरी लोरी सुना दे……….

मुझको यकीं है, तू बस यहीं है,

माँ तेरी छुअन मैंने महसूस की है।

मुखड़ा तो अपना दिखा दे,

माँ तेरी लोरी सुना दे……….


~ पं० सुमित शर्मा “पीयूष”

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