यादें

तेरी यादो में मैं खोया
जी रहा हूॅ मर-मर कर
प्यार क्या होता है ये
समझ आ रहा है दूर रहकर…

तेरी यादें हमें सता रही
हर-पल मुझे तड़पा रही
तेरी यादो में मै खोया
जी रहा हूॅ मर-मर कर…

मैने पाकर तुझको खोया
समझ आ रहा रह-रह कर….

शशि रंजन शर्मा “मुन्टुन”
13-10-2017

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