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तू जींस न पहनो मेरी माँ

तू जींस न पहनो मेरी माॅ
क्यूँकि………..

मिल न पाती तेरी आँचल की छाया
सूर्य जलाता मुझको माॅ
तेरे आँचल ...

November 16, 2017

शुभ नहीं होता

बड़ों के बीच में बच्चों का भाषण शुभ नहीं होता।
जमाई को मिले बेटे का राशन शुभ नहीं होता।
कदापि शुभ नह...

October 23, 2017

बेटी क्या हैं!

बेटी दुर्गा की हैं अवतार,
ना कर मानव इसका संहार|

हैं जन्मदात्री मनुष्य जीवन की
इसमें भरा करूणा का प्यार|

...

October 13, 2017

यादें

तेरी यादो में मैं खोया
जी रहा हूॅ मर-मर कर
प्यार क्या होता है ये
समझ आ रहा है दूर रहकर…

तेरी यादें हमें सत...

October 13, 2017

पाखण्ड हुआ खण्ड-खण्ड

रचयिता- नमन जैन अद्वितीय, शामली (उ० प्र०)

हुआ पतन है संस्कारों का क्रोध बहुत अब आता है।
पाखण्डी को देख देख कर धर...

August 30, 2017

मेरी भी अरदास अलग है

मेरी भी अरदास अलग है
दोनों का एहसास अलग है,
तेरी-मेरी प्यास अलग है।
तू अजीज है रब का, लेकिन
मेर...

July 4, 2017